खुला राज, कौन रोक रहा है भारत को शक्तिशाली बनने से…

18 March 2024

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इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया में सेक्युलर लोग भारतीय संस्कृति और देश के खिलाफ जमकर दुष्प्रचार कर रहे हैं । इन दुष्प्रचार के आज की युवा पीढ़ी गुमराह हो रही है, जिसके कारण आजकल वे भी अपने ही संस्कृति, देवी-देवताओं, साधु-संतों और मंदिरों की मजाक उड़ाने लगे हैं ।

 

सत्यमेव जयते फ़िल्म में भी कुछ ऐसे ही बताया गया है, कुछ युवा चाय के स्टाल पर चाय पीते-पीते अखबार पढ़ रहे थे, उस अख़बार में एक हिन्दू संत के लिए कुछ लिखा था और वे उसे पढ़कर मजाक उड़ाने लगे फिर एक नवयुवक जो हिन्दू संस्कृति को समझता था, उसने उन्हें क्या जवाब दिया है, इसे सुनकर आप भी चौक जाएंगे ।

 

नवयुवक ने भ्रमित युवकों को बताया कि वैसे भी संतो का काम ही क्या है ? जंगल मे जाकर तपस्या करना, मौन होकर बैठे रहना और ज्यादा से ज्यादा लोगों को उपदेश देना । अगर करना ही है तो हिन्दुओं को लालच देकर दूसरे धर्म मे घसीटो ।

सही काम तो, देश मे अश्लीलता, भ्रष्टाचार, अशांति फैलाकर मल्टीनेशनल कंपनियां भारत को लूट कर रही है । गुलामी तो हम करते ही आए हैं, कभी अंग्रेजो की तो कभी मुगलों की,

क्या बोलते हो ?

 

और हिन्दू संत आशारामजी बापू ने क्या किया ?

धर्मांतरण पर रोक, वेलेन्टाइन डे पर रोक…, क्रिसमिस डे पर रोक, गौ हत्या पर रोक और बाप रे बाप ! वेस्टर्न कल्चर पर रोक और इतने बड़े-बड़े रिस्की डिसीजन बापू ने अपने दम पर ले लिए । और पता है कि अगर सिस्टम साथ नही देगा तो विधर्मी लोग बापू की संस्था को जीरो मिशन तक पहुँचा सकते हैं । पर बापू तो बापू है ना !

 

भले ही हिन्दु धर्म व भारतीय संस्कृति को बचाने के लिए मिट जाएंगे, लेकिन पीछे नहीं हटेंगें

क्या जरुरत थी बापू को दिन मे दो दो तीन तीन जगहों पर सत्संग करने की ? और वो भी बिना किसी फीस या डोनेशन के ।

 

आखिर क्या जरुरत थी गुरुकुल खोलने की ? जहाँ आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ संस्कार भी मिलते हैं ।

 

हमारे देश ने टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में तो बहुत विकास किया, लेकिन कोई ये सोचता है कि मेरे भारत का बच्चा-बच्चा चरित्रवान कैसे बनें ? संयमी , सदाचारी और बलवान कैसे बनें ? और दीवाली में बापू कहाँ जाते हैं, पता है ? उन गरीबों,आदिवासियों के बीच जिनको ठीक से खाने की दो वक्त की रोटी, कपड़ा और मकान नहीं ।

 

अरे भाई जरा समझो, संतो पर आरोप लगाकर जेल में डालना जरुरी है क्योंकि उनके द्वारा विधर्मीयों के मंसूबे नाकाम हो रहे थे । और आखिर भारत में कानून तो सबके लिए एक है ना, देखो बड़े-बड़े लोगों को बेल और संतो को जेल ?

 

कुछ नहीं बहुत सारे दोष हैं, उनके ।

 

1.युवा सेवा संघ खोल दिए, लाखों युवान नशा नहीं करते संयमी जीवन जीते हैं और राष्ट्र भक्त बन रहे हैं, ये कोई कम गुनाह है ?

 

2. ऋषि प्रसाद पत्रिका द्वारा लोगों को सुखी, स्वस्थ व सम्मानित जीवन की कला सिखाना l

 

3. बाल संस्कार केन्द्र खोले, जिसमें बच्चों को अच्छे संस्कार मिल रहे हैं ।

 

4. महिलाओं को आत्मनिर्भऱ व सम्मानित बनाने के लिए महिला उत्थान मंडल खोले, कितना बड़ा गुनाह है ये

अरे भाई… गुनाहों की लिस्ट तो अभी बाकी है ।

 

5. कत्लखाने जा रही हजारों गायों को बचाकर गौ पालन करना ।

 

6 गरीबों को राशन कार्ड देना व भंडारो का आयोजन करना |

 

7. मुफ्त चिकित्सा सेवाएं देना |

 

8.

बाबाओं को संपत्ति की क्या जरुरत थी?

क्या जरुरत थी ? बापू को प्राकृतिक आपदाओं मे अन्न , जल व वस्त्र पहुँचाने की ।

संपत्ति की जरुरत तो धर्मांतरण, नशाखोरी, अश्लीलता, भ्रष्टाचार फैलाने वालो को है ।

 

इन सब पर रोक लगाने वालों को और इतनी सारी सेवा करने के लिए कहाँ जरुरत है संपत्ति की ?

 

पर कौन आशारामजी बापू के पीछे लगा है ?

 

नंबर 1. जो लोग भारत को फिर से गुलाम बनाना चाहते हैं और अपना धर्म भारत में फैलाना चाहते हैं, ऐसी विदेशी मिशनरियाँ ।

 

नंबर 2.. हिन्दु धर्म को बदनाम करने वाली – फॉरेन फंडेड मीडिया ।

 

नंबर 3. मल्टीनेशनल कंपनीज ।

 

सच को झूठ और झूठ को सच बनाने का जिसके पास आइडिया है उसी का नाम मीडिया है ।

 

और बापू मीडिया वालों को पैसा कहाँ देने वाले थे ? कभी मीडिया में उनके सेवाकार्यो की एक पट्टी भी चलती देखी तुमने ?

 

क्या होने वाला है वेलेन्टाइन डे की जगह मातृ-पितृ पूजन दिवस, क्रिसमस डे को तुलसी पूजन दिवस मनाने से ?

और ये विश्वगुरु भारत और सबका मंगल, सबका भला से क्या होने वाला है ?

 

कुछ नही ।

नहीं चाहिए हमें स्वस्थ, सुखी और सम्मानित भारत, नहीं चाहिए हमें शिवाजी, महाराणा प्रताप, भगत सिंह, झाँसी की रानी जैसे वीर देशभक्त ?

नहीं चाहिए हमें ऐसे संत जो भारतीय संस्कृति का डंका पूरे विश्व में बजाते हैं ।

 

तो फिर करते रहो गुलामी, बँटते रहो धर्म के नाम पर ।

अरे मेरे बाप… एक बार नही सौ बार कहता हूँ, वर्तमान में हिन्दु धर्म को बचाने वाले अगर कोई हैं तो सिर्फ बापू जैसे संत ही हैं । इसलिए करोड़ों रुपए खर्च करके बापू आसारामजी के ऊपर गंदा आरोप लगवाकर उन्हें जेल में डलवाया । अरे मेरे भाई… अब तो समझो अगर बापू को इसी तरह जेल रखा गया तो भारतीय संस्कृति और हिन्दु धर्म की रक्षा कौन करेगा ? फिर हमारे देश में घोर अपराध बढ़ते जायेंगें । और फिर ये देश कभी विश्वगुरु नही बन पायेगा ।

 

सच कहता हूँ अगर जल्दी बापू जी बाहर नही आए तो आने वाले 100-200 साल तक ये लड़ाई लड़नेवाला और कोई नही होगा । फिर करते रहना

मेरा भारत महान । मेरा भारत महान ।

 

फिर बापू आसरामजी जेल में है क्यों हैं ?

 

बापू जी जेल में हैं क्योंकि वो एक हिंदु संत हैं ।

 

बापू जेल में है क्योंकि वो सनातन धर्म व संस्कृति के लिए लड़ते हैं ।

 

बापू जेल में है क्योंकि वो राष्ट्र को मानते हैं राजनेता को नहीं ।

 

बापू जेल में है क्योंकि वो धर्म को मानते हैं धर्मांतरण को नहीं ।

 

बापू जेल में है क्योंकि हम निष्क्रिय हैं ।

बापू जेल में है क्योंकि बापूजी निर्दोष हैं ,अगर दोषी होते तो वो बाहर होते।

प्रशासन निर्दोष, मीडिया निर्दोष, नेता निर्दोष, न्यायालय निर्दोष, अपने आपको निर्दोष कहने वाले ये लोग निर्दोष है कि नहीं ये मैं नही जानता पर बापू जी निर्दोष थे , हैं व रहेंगें ।

 

लोग उनकों क्यो मानते हैं ?

किसी की श्रद्धा का प्रमाण न्यायालय या मीडिया नहीं हो सकती है । उसका स्वंय का अनुभव होता है ।

जरा सोचो इतना सब होने पर भी बापू के करोड़ों भक्तों का विश्वास अभी भी कायम है । अरे कुछ तो होगा उनके पास ?

 

इतना सामर्थ्य होने पर बापू जी बाहर क्यों नहीं आते ?

कौन कहता है कि बापू आसारामजी जेल में हैं । जेल में तो हमारे देश कि अस्मिता, संस्कृति, धर्म है । और सामर्थ्य का उपयोग संत अपने लिए थोड़े ही ना करते हैं ? जैसे जगदगुरु शंकराचार्य की माँ की अंत्येष्ठी के लिए उनके गाँववालों ने लकड़ी तक नहीं दी । तुकारामजी महाराज सामर्थ्यवान होते हुए भी कीर्तन में पत्थर के झाँझ का उपयोग करते थे । ऐसे ही संत ज्ञानेश्वर, बुद्ध भगवान आदि भी थे । अरे… कबीर जी को भी जेल जाना पड़ा था । और तो और संत तो क्या भगवान होते हुए भी श्री रामजी नागपाश में बंध गये थे । वाह … वाह री दुनिया … वाह री दुनिया को लोगों… संतों ने तुम्हें क्या दिया और संतों को तुम क्या दे रहे हो ।

 

शंकाचार्यजी को भी झूठे आरोप में फँसाया फिर वो निर्दोष बरी हुए साध्वी प्रज्ञा , स्वामी असीमानंद को भी निर्दोष बरी किया गया । ऐसे ही बापू जी को फँसाया गया है । वे भी अवश्य निर्दोष बरी होगे । और याद रखो, चाहे जो हो जाये पर भारत विश्व गुरु बनकर ही रहेगा । I Support Asharamji Bapu

 

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