जिस दिन सत्य और मानवता ने न्यायालय में दम तोड़ा

परम सत्य है कि कानून का दुरुपयोग चरम सीमा पर है। हिन्दू सन्तों को झूठे मुकदमों में फंसाना और मीडिया द्वारा बदनाम करवाना फैशन बन गया है।
25 अप्रैल 2018 को जोधपुर सेशन कोर्ट का फैसला जिससे सारी मानवता शर्मसार हुई। एक लड़की की झूठी गवाही के चलते देशहित समाजहित प्राणिमात्र के हित में जिन्होंने अपने जीवन के 55 साल दे दिए, जिनके आश्रम में आज भी सैकड़ों महिलाएं संयमी जीवन व्यतीत कर रही है । करोड़ों महिला समर्थक जिनके लिए सड़कों पर उतरी, ऐसे संत आशाराम बापू जी को उम्रकैद और शरद व शिल्पी को 20-20 साल की सजा सुनाई गई ।
The day the truth and humanity broke in court
अगर ऐसे ही हिन्दू संस्कृति रक्षक संतों पर अत्याचार होता रहा और हिन्दू मूक दर्शक बन सब देखता रहा तो आने वाले समय में हिन्दू संस्कृति का नामोनिशान नहीं रहेगा ।
अब आईये आपको इस झूठे केस के मुख्य पहलुओं से अवगत कराये । आप सबसे अनुरोध है कि इस केस को समझने के लिए आप अपनी बुद्धि का उपयोग जरूर कीजियेगा तभी आपके सामने सारी परतें खुलती नजर आएंगी ।
19 अप्रैल 2013 की मध्यरात्रि 2:45 को कमला मार्किट पुलिस थाना, दिल्ली में जोधपुर में हुई घटना की (उत्तर प्रदेश) शाहजहांपुर के परिवार द्वारा Zero FIR दर्ज होती है। आपको लगता है कि भारत देश की पुलिस व्यवस्था इतनी अच्छी है, इतनी मददगार है कि जोधपुर (राजस्थान) की घटना, उत्तर प्रदेश की लड़की और उसकी FIR दर्ज करेगी दिल्ली में !!
पिछले 4 सालों से दीपक चौरसिया पर पॉक्सो एक्ट के तहत केस के लिए गुरुग्राम के एक माता-पिता की चपलें घिस गई, कई हिन्दू संगठन FIR करवाने के लिए आगे आये पर आज तक पुलिस ने दीपक चौरसिया के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया।
ऐसे प्रशासन से ये उम्मीद की जा सकती है कि वो इतनी आसानी से कहीं का केस और कहीं की लड़की की FIR इतनी आसानी से दर्ज कर लेगी !!
अच्छा आगे देखिए
फिर FIR की Video Recording जो Zero FIR में अनिवार्य प्रावधान है वो संदेहास्पद परिस्थितियों में गायब कर दी गई या मिटा दी गई । संबंधित पुलिस अधिकारी भी अपने बयान में इस बात की पुष्टि करती है कि वीडियो रिकॉर्डिंग हुई थी । वीडियो रिकॉर्डिंग का कोर्ट में साक्ष्य के तौर पर पेश न होना क्या किसी षड़यंत्र की तरफ इशारा तो नहीं ??
आगे बढ़ते हैं कोर्ट में खुद लड़की, उसकी माँ और उसके पिता ने गवाही दी कि आशाराम बापूजी ने 15 अगस्त 2013 की रात को जोधपुर के मणाई गांव में हरिओम कृषि फार्म में अपने कमरे में लड़की को बुलाकर 60 से 90 मिनट तक लड़की के साथ छेड़छाड़ की । लड़की ने अपने बयान में कहा कि मैं जोर से चिल्लाई और रोती रही । उसकी माँ ने अपने बयान में कहा कि वो कमरे के बाहर बैठी थी । तो बाहर बैठी माँ को लड़की के चिल्लाने और रोने की आवाज नही आई रात के सन्नाटे में । क्या ऐसा संभव है ?
दूसरी ओर कोर्ट में पेश हुए बचाव पक्ष के 5 गवाहों ने और लड़की के पक्ष के 2 गवाहों ने अपने बयानों में कहा कि आसाराम बापूजी ने उस रात पहले सत्संग किया फिर सगाई समारोह के निमित भगवान झूलेलाल की झांकी निकाली गई जो रात 11:45 तक चली उस समय कई फोटोज भी न्यायालय के सामने 2014 से हैं । मदनसिंह जो वहाँ चौकीदार था उसने भी गवाही दी कि उस रात बापू अपनी कुटिया में रात 12:00 बजे आये । आखिर क्यों जज साहब ने इन सभी तथ्यों को नजरअंदाज किया ???
चारुल अरोड़ा, मेघा शर्मा,(लड़की की दोस्त) कुमारी प्रिया सिंह, कुमारी रीना, कुमारी विद्या (वार्डन) ने कोर्ट में गवाही दी कि लड़की 15 अप्रैल 2013 को बालिग थी और उसका चाल चलन ठीक नहीं था पर कोर्ट के लिए ये पांचों लड़कियां झूठी और वो अकेली सती सावित्री हो गयी।
राहुल के सचान, महेंद्र चावला ने बापू के खिलाफ गवाही दी पर योगेश भाटी, जिज्ञासा भावसार, अंग्रेज़ सिंह (J&K Police ASI) ने कोर्ट में हुए अपने बयान में कहा कि अमृत प्रजापति, कर्मवीर सिंह (लड़की का पिता), राहुल के सचान, महेंद्र चावला ने योग वेदांत सेवा समिति, अहमदाबाद को Fax करके 50 करोड़ की फिरौती मांगी थी। ये भी कहा कि अगर 50 करोड़ नही दिए तो झूठी लड़कियां तैयार करके झूठे केस में फंसा देंगे और वो कभी बाहर नहीं आ पाओगे पर कोर्ट ने इनके ऊपर कोई एक्शन नहीं लिया।
शिल्पा अग्रवाल जो कि Psychologist है उन्होंने बापू का कई बार इंटरव्यू लिया है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि बापू का मन, बुद्धि और आत्मा एकाग्र है। उनकी भगवान में गहरी आस्था है और मानवता की सेवा करने की सदृढ़ इच्छाशक्ति है, वो किसी से दुष्कर्म के विषय मे सोच भी नहीं सकते करने की तो बात ही अलग है । उनकी रिपोर्ट भी कोर्ट के सामने होने के बावजूद उस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया ।
लड़की की उम्र के संबंध में कई ऐसे दस्तावेज बचाव पक्ष द्वारा साबित करवाएं गए (जैसे राशन कार्ड, पोषाहार रजिस्टर की प्रति, शिशु पंजीकरण, टीकाकरण रजिस्टर में प्रविष्टियां, सर्वे रजिस्टर आदि) जिनमें लड़की बालिग साबित हो रही है ।
उन सभी तथ्यों को नजरअंदाज करके एक ऐसे( Matriculation Certificate) सर्टिफिकेट के आधार पर बापू आसारामजी को सजा सुनाई गई जिसमें लड़की के वकील ने खुद 311 की एप्लीकेशन लगाकर कहा था कि हम इसे साबित नहीं करवा पाए हैं ।
POCSO Act और Juvenile Justice (Care and Protection of Children) Act 2000 में सजा सुनाना कहाँ का न्याय है?
जिन 3 धाराओं में बापू आसारामजी को उम्रकैद की सजा सुनाई अब उनके बारे में बात करते हैं ।भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 370 (4) जो कि Trafficking of Persons के अपराध से संबंधित है। 9 अगस्त 2013 को लड़की का पिता खुद छुट्टी का आवेदन पत्र देकर लड़की को अपने साथ घर ले जाता है (आवेदन पत्र चार्जशीट में संलग्न है) 9 तारीख के बाद से लड़की अपने माता-पिता की कस्टडी में रही तब कैसे आसारामजी बापू ने उसका अपहरण या Trafficking किया ???
भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 376 (2) (f)  जो Relative, Guardian, Teacher द्वारा बलात्कार करने से संबंधित है पर बलात्कार हुआ ही नहीं है, लड़की ने खुद FIR में बलात्कार का जिक्र नहीं किया और न Medical Report  में छेड़छाड़ की भी पुष्टि हुई है । फिर भी आसारामजी बापू सजा के हकदार हैं ।
वाह री न्याय व्यवस्था !
अजब तेरे खेल !!
निर्दोषों को भेजती जेल !
अपराधियों को देती बेल !!
हिन्दू संतों को कानून के दुरुपयोग से प्रताड़ित करना और निचली अदालत में दोषी साबित होना कोई नई बात नहीं।
साध्वी प्रज्ञा, शंकराचार्य जी, स्वामी असीमानंद जी, कर्नल पुरोहित, केशवानन्दजी महाराज, डी.जी वंजारा जी को निचली अदालत ने दोषी करार ही दिया था पर वो ऊपरी अदालत से बरी होकर आए हैं, यहीं संत आशाराम बापू जी के साथ भी होगा।
(कानून व्यवस्था से व्यथित सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया किया हुआ एक नागरिक)
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8 thoughts on “जिस दिन सत्य और मानवता ने न्यायालय में दम तोड़ा

  1. True that many evidences r in favour of Asaram Bapu Ji and many witnesses witnessed in his favour.

    But punishment life imprisonment to Bapuji is shocking for all. We expect justice from honourable High Court now.

  2. Saint hamari sanskriti ke rakchak hai jhuthe case me fasakar unhe jail bhejne se to hindu sanskriti khatre me pad jayegi unki rakcha koan krega
    Jago hindu

  3. No doubt that #AsaramBapujiDeservesJustice bcoz Saints are innocent with humanity in their mind and heart and as always the people who blame them is out of their jealousy aur hatred against them.

  4. No Rape in FIR , but ppl called Asaram Bapu Ji as “Rapist”
    Shame on all those ppl who uses such word for an Innocent.
    #AsaramBapujiDeservesJustice

  5. There is no single evidence supporting her allegation. जब सारे सबूत Sant Shri Asaram Bapu Ji के बेगुनाही दर्शाते हैं तो उनको सज़ा देने उनके मौलिक अधिकारों का हनन ही है। #AsaramBapujiDeservesJustice
    https://t.co/Arvm1GBEO6

  6. केवल निर्दोष आसाराम बापूजी के लिए कानून का पक्षपात एवम दोहरा मापदंड निश्चित ही भयजनक है, समानता की दुहाई देनेवाला कानून निर्दोषों को दबोचते हुए व दोषियों के आगे झुकते नजर आ रहा है |
    https://t.co/0QSGyDOU6L

  7. कौन कहता है न्याय नहीं बिकता अब तो मानो यार न्याय बिकता है।यहां बेगुनाहों को न्याय मिलना तो दुर की बात अगर पैसा दो तो आपके लिए रातो-रात जज बदल दिए जाते है।रही बात मिडीया की वो तो पहले से ही बिकाऊ हैं। उन निच लोगों के बारे में क्या कहें इन्हे डुब मरना चाहिए सरकारी दलालों… https://t.co/9uS3OVxhIX

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