संचार साथी ऐप: भारत सरकार की डिजिटल सुरक्षा और पारदर्शिता की पहल





Sanchar Saathi App: फीचर्स, लाभ और विपक्ष का विरोध क्यों?

Sanchar Saathi App क्या है, और विपक्ष इसका विरोध क्यों कर रहा है?

डिजिटल भारत के इस दौर में जहाँ मोबाइल फोन हमारी पहचान, बैंकिंग, संवाद और निजी जीवन का अहम हिस्सा बन चुके हैं, वहीं साइबर अपराध, मोबाइल फ्रॉड और फर्जी कनेक्शनों का खतरा भी तेज़ी से बढ़ा है। इन्हीं चुनौतियों से निपटने के उद्देश्य से भारत सरकार ने Sanchar Saathi App को लॉन्च किया। लेकिन अब यही ऐप राजनीतिक बहस का विषय बन गया है, और विपक्ष इसके कुछ प्रावधानों पर सवाल उठा रहा है।

What is Sanchar Saathi App? (संचार साथी ऐप क्या है?)

संचार साथी ऐप भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा विकसित एक साइबर सुरक्षा और मोबाइल सेफ्टी टूल है, जिसे 17 जनवरी 2025 को आधिकारिक रूप से लॉन्च किया गया। यह ऐप Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है।

इस ऐप का मूल उद्देश्य निम्नलिखित से सुरक्षा प्रदान करना है:

  • आम नागरिकों को मोबाइल चोरी से बचाना
  • फर्जी सिम कनेक्शन की पहचान
  • डिजिटल धोखाधड़ी रोकना
  • साइबर अपराधों से सुरक्षित रखना

Key Features of Sanchar Saathi App (प्रमुख फीचर्स)

Sanchar Saathi App कई उपयोगी सेवाएँ एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराता है:

IMEI वैलिडेशन
यूज़र अपने मोबाइल फोन का IMEI नंबर डालकर यह जांच सकते हैं कि उनका फोन वैध है या नहीं, चोरी का तो नहीं है, या किसी ब्लैकलिस्ट में तो नहीं है। यह जानकारी CEIR (Central Equipment Identity Register) से जुड़ी होती है।

चोरी या खोए मोबाइल की रिपोर्ट
यदि मोबाइल फोन खो जाए या चोरी हो जाए, तो ऐप के माध्यम से तुरंत रिपोर्ट दर्ज की जा सकती है। फोन को ब्लॉक कराया जा सकता है, और मिलने पर उसे दोबारा अनब्लॉक भी किया जा सकता है। सरकारी आँकड़ों के अनुसार, इस सुविधा से लाखों मोबाइल फोन वापस मिल चुके हैं।

अपने नाम पर कितने सिम कार्ड हैं – इसकी जानकारी
यह ऐप यह भी बताता है कि आपके आधार या आईडी पर कितने मोबाइल नंबर एक्टिव हैं। यदि कोई फर्जी कनेक्शन है, तो उसे बंद करने का विकल्प भी मिलता है। इससे अब तक करोड़ों फर्जी सिम कनेक्शन बंद किए जा चुके हैं।

स्पैम और फर्जी कॉल रिपोर्टिंग
यूज़र स्पैम कॉल, फर्जी नंबर, और धोखाधड़ी वाले मैसेज को रिपोर्ट कर सकते हैं, जिससे भविष्य में ऐसे नंबर ब्लॉक किए जा सकें।

पूरी तरह मुफ्त सेवा
यह ऐप पूरी तरह मुफ्त है, इसमें कोई छुपा शुल्क नहीं है और यह किसी थर्ड पार्टी ऐप पर निर्भर नहीं है।

सरकार ने इसे अनिवार्य क्यों किया?

भारत सरकार ने यह निर्णय लिया कि सभी नए मोबाइल फोनों में यह ऐप प्री-इंस्टॉल होगा और यूज़र इसे अनइंस्टॉल या डिसेबल नहीं कर सकते। सरकार का तर्क है कि यह राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा से जुड़ा मामला है और मोबाइल नेटवर्क की शुद्धता बनाए रखने के लिए जरूरी है। इससे आम नागरिकों को बिना अतिरिक्त मेहनत सुरक्षा मिलेगी।

अब तक की उपलब्धियाँ

  • 5 करोड़ से अधिक डाउनलोड
  • लाखों चोरी या खोए फोन रिकवर
  • करोड़ों फर्जी सिम कनेक्शन बंद
  • डिजिटल फ्रॉड में उल्लेखनीय कमी

Opposition Concerns Regarding Sanchar Saathi App

हालाँकि ऐप के उद्देश्य पर अधिकतर लोग सहमत हैं, लेकिन विपक्ष ने Sanchar Saathi App को लेकर कुछ अहम सवाल उठाए हैं:

प्राइवेसी और निगरानी का डर
विपक्ष का कहना है कि IMEI और सिम डेटा सरकार के पास जाने से नागरिकों की डिजिटल निजता खतरे में पड़ सकती है।

अनिवार्यता पर आपत्ति
ऐप को हटाने या बंद न कर पाने को “नागरिक स्वतंत्रता” के खिलाफ बताया जा रहा है।

डेटा के दुरुपयोग की आशंका
यह सवाल उठाया गया कि डेटा कैसे, कहाँ और कितने समय तक स्टोर होगा।

सरकार का जवाब:
सरकार इन आरोपों को खारिज करते हुए कहती है कि ऐप किसी की निजी बातचीत नहीं सुनता। केवल तकनीकी और सुरक्षा संबंधी डेटा का उपयोग होता है और डेटा संरक्षण कानूनों का पालन किया जाता है। डिजिटल सुरक्षा और सरकारी योजनाओं की अधिक जानकारी के लिए आप Azaad Bharat की वेबसाइट देख सकते हैं।

निष्कर्ष

संचार साथी ऐप भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण डिजिटल पहल है, जिसका उद्देश्य मोबाइल उपयोगकर्ताओं को सुरक्षित, जागरूक और सशक्त बनाना है। यह ऐप मोबाइल चोरी, फर्जी कनेक्शन और साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण लगाने में सफल रहा है। हालाँकि, विपक्ष द्वारा उठाए गए सवाल यह संकेत देते हैं कि तकनीक के साथ पारदर्शिता और विश्वास भी उतना ही जरूरी है। सरकार को डेटा सुरक्षा और नागरिक अधिकारों पर स्पष्ट संवाद बनाए रखना होगा। कुल मिलाकर, यह ऐप डिजिटल सुरक्षा की दिशा में एक मजबूत कदम है, जिसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि इसे कितनी जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ लागू किया जाता है।