आज के हालात से मिलती जुलती पुस्तक डॉ. भीमराव अंबेडकर ने 77 साल पहले ही लिख दी थी……

14 June 2022

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🚩आज जिस तरह भारत के मुसलमान भारत का साथ देने के बजाय भारत का विरोध करने वाले मुस्लिम देशों का साथ दे रहे है।

🚩उसका आभास देश के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर जी को आज से 77 साल पहले ही ज्ञात हो चुका था।

🚩डॉ. भीमराव अंबेडकर जी ने सन 1945 में एक पुस्तक लिखी थी,जिसका नाम है:-

Pakistan Of the Partition of India

🚩इस पुस्तक के पेज नम्बर 337 पर वे लिखते है की :-

🚩 इस्लाम धर्म एक बंद खिड़की की तरह है,जो मुसलमानों और हिन्दुओ के बीच भेद करता है।

🚩 इस्लाम धर्म में जिस भाईचारे की बात कही जाती है,वो भाईचारा मानवता का भाईचारा नही है।

🚩बल्कि,उसका मतलब है कि:-

🚩मुसलमानों के भाईचारे का फायदा सिर्फ उनके अपने लोगों को ही मिलता है और जो हिन्दू है,उनके लिए इस्लाम में सिर्फ घृणा और शत्रुता ही बची है।

🚩मुसलमानों की वफ़ादारी उस देश के लिए नहीं होती जहाँ वे रहते है,बल्कि उनकी वफ़ादारी अपने धर्म के लिए होती है,जिसका की वे पालन करते है।

🚩और आज मौजूदा स्थिति में डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के ये बाते फिट बैठती है।

🚩आज सभी हिन्दुओ को एकजुट होकर डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की पुस्तक के लिखे उपरोक्त वाक्यों को कंठस्थ हर समय याद रखना होगा।

🚩सभी हिन्दू अपनी जन्मभूमि भारत के दुश्मनों का खात्मा करने में सक्षम हो।

🚩मुसलमानों की दुकानों से कुछ भी खरीदी नही करो।

🚩सभी हिन्दू कोई भी समान खरीदी करें तो केवल हिन्दू की ही दुकान से खरीदी करें।

🚩कम से कम इतना तो हर हिन्दू कर सकता है।

🚩सभी हिन्दू एकजुट होकर सनातन हिन्दू धर्म की और गौरवशाली भारत की रक्षा के लिए तैय्यार रहें।

🚩सभी सनातन हिन्दुओ को रोजाना आरती के समय ,पूजा के समय या रोजाना एक संकल्प करना होगा,वो संकल्प है:-

🚩सनातन धर्म की जय हो।

🚩सनातन धर्म के दुश्मनों का नाश हो।

🚩सनातन धर्म के मानने वालों में सद्भाव हो।

🚩सनातन धर्म के मानने वालों में एकता हो।

🚩सनातन धर्म के मानने वालों का कल्याण हो।

🚩जय कारा वीर बजरंगी – हर हर महादेव

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